JAINISM

HAVE YOU EVER THOUGHT ? Who Are You ? A Doctor ? An Engineer ? A Businessman ? A Leader ? A Teacher ? A Husband ? A Wife ? A Son ? A Daughter are you one, or so many ? these are temporary roles of life who are you playing all these roles ? think again ...... who are you in reality ? A body ? A intellect ? A mind ? A breath ? you are interpreting the world through these mediums then who are you seeing through these mediums. THINK AGAIN & AGAIN.

Saturday, 22 October 2011

जैन धर्म की मौलिक विशेषताएँ

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जैन धर्म शाश्वत है। (हरिवंश पुराण १/२७-२८) तीर्थंकर ऋषभदेव तथा महावीर जैन धर्म के संस्थापक नहीं, अपितु प्रचारक थे। सिंधु सभ्यता में जैन धर...
Thursday, 20 October 2011

गिरनार की महिमा

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गिरनार की महिमा :- ************** 1. गत चौबीशी में हुए तीर्थकर 1) श्री नमीश्वर भगवान, 2) श्री अनिल भगवान, 3) श्री यशोधर भगवान, 4) श्री कृ...
Thursday, 13 October 2011

वनस्पतिकाय जीव के संदर्भ में जैनधर्म का मन्तव्य :-

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वनस्पतिकाय जीव के संदर्भ में जैनधर्म का मन्तव्य :- 1.शब्द ग्रहण शक्ति – कंदल, कुंडल आदि वनस्पतियाँ मेघ गर्जनासे पल्लवित होती है । 2.आश्र...
Monday, 10 October 2011

निर्वाण के पश्चात् तीर्थंकर के शरीर-संस्कार

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निर्वाण के पश्चात् तीर्थंकर के शरीर-संस्कार :- "तीर्थंकर का निर्वाण होने पर देवेन्द्र ने आज्ञा दी कि गोशीर्ष व चंदन काष्ठ एकत्र कर चि...
Monday, 3 October 2011

आठ कर्म

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आठ कर्म :- 1. ज्ञानावरणीय कर्म- वह कर्म, जिससे आत्मा के ज्ञान-गुण पर परदा पड़ जाए। जैसे, सूर्य का बादल में ढँक जाना। 2. दर्शनावरणीय कर्म...
Friday, 30 September 2011

नंदीश्वर द्वीप

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नंदीश्वर द्वीप :- मध्यलोक का जो मध्यवर्ती एक लाख योजन विस्तार वाला जंबूद्वीप है, उसको क्रमशः वेष्टित किये हुए उत्तरोत्तर दुगुने-दुगुने विस...
Thursday, 29 September 2011

ञान व अज्ञान के भेद

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ञान व अज्ञान के भेद :- ज्ञान के 5 व अज्ञान के 3 भेद है । ज्ञान के 5 भेद 1. मतिज्ञान :- इन्द्रिय तथा मन के द्वारा जो ज्ञान होता है, उसे...
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