JAINISM

HAVE YOU EVER THOUGHT ? Who Are You ? A Doctor ? An Engineer ? A Businessman ? A Leader ? A Teacher ? A Husband ? A Wife ? A Son ? A Daughter are you one, or so many ? these are temporary roles of life who are you playing all these roles ? think again ...... who are you in reality ? A body ? A intellect ? A mind ? A breath ? you are interpreting the world through these mediums then who are you seeing through these mediums. THINK AGAIN & AGAIN.

Tuesday, 2 September 2014

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ज्योतिष्क देव के भेद - ज्योतिष्का:सूर्या चद्रमसौ ग्रह नक्षत्र प्रकीर्णक तारकाश्च: !!१२!! संधिविच्छेद :-ज्योतिष्का:+सूर्या +चद्रमसौ ग्रह +...
Sunday, 17 August 2014

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1) भरत ऐरावत क्षेत्र की तरह महाविदेह क्षेत्र में एक के बाद एक ऐसे चौबीस तीर्थंकरों की व्यवस्था नहीं है। महाविदेह क्षेत्र की पुण्यवानी अनंतान...

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आर्यखण्ड मध्यलोक में असंख्यात द्वीप और असंख्यात समुद्र हैं। उन सब के मध्य सर्वप्रथम द्वीप का नाम जम्बूद्वीप है। यह एक लाख योजन (४० करोड़ मी...
Tuesday, 29 April 2014

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१ त्रिलोक भास्कर २ जैन भूगोल मे दूरी नापने के सबसे छोटे से लेकर सबसे बड़े परिमाण कौनसे हैं ? ३ जैन भूगोल के परिमाणों के साथ, आज...
Wednesday, 2 April 2014

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भोगभूमिज मनुष्य - हैमवत और हैरण्यवत क्षेत्र ३६८४,४/१९ योजन विस्तृत है। उनमें सुषमा-दुषमा काल के सदृश जघन्य भोगभूमि की व्यवस्था है। विशेषता ...

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‘अढाई द्वीप और दो समुद्रों के अन्तर्गत १५ कर्मभूमियां हैं।’ दससु भरहेरावएसु पंचसु महाविदेहेसु४। ५ भरत, ५ ऐरावत और ५ महाविदेह की १५ कर्मभूमि ...
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